मिलन की नहीं रंजिश की होने लगी होली: विजयपाल | NMPK Media @Baghpat

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अब नहीं खेलता कोई भी टेसू के फूलों से होली 
होली पर पुराने मतभेदों को करें दूर 

बागपत। विपुल जैन 
लायंस क्लब बागपत के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता विजयपाल सिंह तोमर का कहना है कि अब होली में वो बात नहीं रही, जो पहले हुआ करती थी। पहले सभी लोग आपस में मिलजुलकर होली खेला करते थे। उस समय मिलन की होली हुआ करती थी, लेकिन आज लोग होली के बहाने अपनी रंजिश निकालने लगे है। विजयपाल तोमर अध्यक्ष लायंस क्लब बागपत

अब मिलन की नहीं बल्कि रंजिश की होली होने लगी है। बदले की भावना से होली खेली जाने लगी है। पहले होली आने से पहले लोग गेंदे के फूल इकट्ठा करके उन्हें पानी की होदी में डाल दिया करते थे। गेंदे के फूलों से ही रंग बनाया जाता था और उसके बाद उस रंग को पिचकारियों में भरकर लोगों के ऊपर बौछार की जाती थी। फूलों के उस पानी की अलग ही महक हुआ करती थी। आज कैमिकल रंगों से होली खेलते है, जिससे शरीर में एलर्जी हो जाती है, जबकि पहले टेसू के फूलों से होली खेली जाती थी, उससे एलर्जी होने का सवाल ही नहीं था। आज कोई भी टेसू के फूलों से होली नहीं खेलता। वक्त साथ होली में काफी बदलाव आ गया है। मेरा लोगों से सिर्फ इतना ही कहना है कि वह होली मिलजुलकर खेले। यदि किसी के पुराने मतभेद हो तो वह इस दिन गले मिलकर दूर करें। 

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