बागपत। विपुल जैन
भारतीय संस्कृति का भ्रमण करने आए फिनलैंड के विदेशी मेहमान कस्बा अग्रवाल मंडी टटीरी के गंगा रिसॉर्ट में पहुंचे। उनका यहां पर भाजपा वरिष्ठ नेता मनोज आर्य एडवोकेट ने भव्य स्वागत किया।
विदेशी मेहमानों के साथ उनकी काफी समय तक शाकाहार पर चर्चा हुई। मनोज आर्य ने बताया कि भारतीय संस्कृति शाकाहार का समर्थन करती है, लेकिन यहां पर विभिन्न धर्म, जाति व संप्रदायो के लोग रहते हैं, जिनमें से काफी लोग मांसाहारी भोजन का भी सेवन करते है। इस दौरान उन्होंने रिसोर्ट में कई नई-नई मिठाइयों का भी स्वाद चखा और अक्समात ही उनकी जुबान से निकल आया इंडियन स्वीट इज वेरी नाइस। अर्थात भारतीय मिठाइयों का कोई जवाब नहीं है। इसके अलावा उन्होंने भारतीय संस्कृति के रहन-सहन, खान-पान और वेशभूषा का भी अध्ययन किया। उसके बाद वह टटीरी के कोल्हू पर भी पहुंचे और उन्होंने यहां पर गन्ने के रस से गुड़ बनता देखा। उन्होंने कोल्हू कारीगरों के साथ सेल्फी भी ली और यहाँ के कई दृश्य अपने कैमरे में कैद किए। उन्हें देखने के लिए यहां पर लोगों की काफी भीड़ उमड़ गई। मनोज आर्य एडवोकेट के साथ वे थोड़ी ही देर में इतने घुल मिल गए कि बोले जब भी वह भारत आएंगे तब उनसे जरूर मिलने आएंगे।
भारतीय संस्कृति का भ्रमण करने आए फिनलैंड के विदेशी मेहमान कस्बा अग्रवाल मंडी टटीरी के गंगा रिसॉर्ट में पहुंचे। उनका यहां पर भाजपा वरिष्ठ नेता मनोज आर्य एडवोकेट ने भव्य स्वागत किया।
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| बागपत के कस्बा अग्रवाल मंडी टटीरी में गंगा रिसॉर्ट पर पहुंचे फिनलैंड के विदेशी मेहमान |
विदेशी मेहमानों के साथ उनकी काफी समय तक शाकाहार पर चर्चा हुई। मनोज आर्य ने बताया कि भारतीय संस्कृति शाकाहार का समर्थन करती है, लेकिन यहां पर विभिन्न धर्म, जाति व संप्रदायो के लोग रहते हैं, जिनमें से काफी लोग मांसाहारी भोजन का भी सेवन करते है। इस दौरान उन्होंने रिसोर्ट में कई नई-नई मिठाइयों का भी स्वाद चखा और अक्समात ही उनकी जुबान से निकल आया इंडियन स्वीट इज वेरी नाइस। अर्थात भारतीय मिठाइयों का कोई जवाब नहीं है। इसके अलावा उन्होंने भारतीय संस्कृति के रहन-सहन, खान-पान और वेशभूषा का भी अध्ययन किया। उसके बाद वह टटीरी के कोल्हू पर भी पहुंचे और उन्होंने यहां पर गन्ने के रस से गुड़ बनता देखा। उन्होंने कोल्हू कारीगरों के साथ सेल्फी भी ली और यहाँ के कई दृश्य अपने कैमरे में कैद किए। उन्हें देखने के लिए यहां पर लोगों की काफी भीड़ उमड़ गई। मनोज आर्य एडवोकेट के साथ वे थोड़ी ही देर में इतने घुल मिल गए कि बोले जब भी वह भारत आएंगे तब उनसे जरूर मिलने आएंगे।


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