बागपत। हमारे संवाददाता
नगर के निकटवर्ती गांव टयौढी में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के डीलर व ग्राहकों के बीच राशन को लेकर कहासुनी व नोकझोक हो गई जिसके चलते ग्राहकों ने आपूर्ति अधिकारी से संपर्क भी साधा तथा हेल्पलाइन नंबर पर भी बात की गई मगर कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा जिसके चलते ग्रामीणों ने आपस में ही मामले को शांत कराया।
गौरतलब है कि कोरोना महामारी के चलते देश में लॉक डाउन होने के कारण प्रदेश सरकार ने बीपीएल कार्ड धारक व मनरेगा मजदूरों को मुफ्त राशन देने की घोषणा की थी जिसके चलते टयौढी गांव में मनरेगा मजदूर राशन लेने गए थे जिन्हें वहां जाकर पता चला कि उनके नाम लिस्ट में से राशन डीलर द्वारा काट दिए गए है।
जिस पर मजदूरों ने इस संबंध में राशन डीलर पवन के बेटे से इस संबंध में बात की तो उसने मजदूरों को देख लेने की धमकी देते हुए कहा कि हां कटवा दिए कर लो जो करना है। जिस पर मजदूरों और डीलर के बीच काफी कहासुनी व विवाद बढ़ गया। मजदूरों का कहना है कि उनके द्वारा आपूर्ति अधिकारी व हेल्पलाइन नंबर पर भी कॉल की गई मगर मौके पर कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा और दबंग राशन डीलर ने मजदूरों को राशन नहीं दिया।
वहीं मौके पर मौजूद आंगनवाड़ी कार्यकत्री अरुणा ने बताया कि राशन लेने बहुत से लोग एकदम पहुंच गए जिनमें से अधिकांश लोगों के राशन कार्ड ही रद्द हुए पाए गए तथा कुछ की यूनिट घटाई हुए थी जिसे देखकर राशन ग्राहकों में आक्रोश पैदा हो गया जिसपर उन्होंने इस संबंध में राशन डीलर से बात की तो राशन डील ने उन्हें धमकी देते हुए कहा कि इस संबंध में अधिकारियों से बात करो जिसपर ग्राहकों व डीलर के बीच कहासुनी बढ़ गई।
आंगनवाड़ी कार्यकत्री अरुणा के अनुसार बहुत से राशन कार्ड कटे हुए है और अधिकांश की यूनिट घटी हुई है जिसमें राशन डीलर का कहना है कि ये काम अधिकारी करते है ना कि कोई डीलर कर सकता है।
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