बागपत। विपुल जैन
समाजसेवी मनीष विश्वकर्मा एडवोकेट ने देश के प्रधानमंत्री को एक पत्र भेजा और उनसे हुनरमंद कारीगरों को राहत पैकेज देने की मांग की।
मनीष विश्वकर्मा ने कहा कि कोविड़ -19 संक्रमण महामारी से देश में प्रवासी, ग्राम स्तर, छोटे कारखाने, गरीब कारीगर, छोटी- छोटी दुकानों व रेहड़ी पटरी पर काम करने वाला मजदूर वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है।
पैतृक पेशा जो असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले हाथ के हुनरमंद वंश- परंपरागत कारीगरों जैसे लोहकार, लोहार , सिकलीगर , काष्ठकार ,सुथार , तामकार , कंसारा , कसेर , ठठेरा , शिल्पकार, कुम्हार, सोमपुरा , कड़िया, सथवारा, सिलावट , स्वर्णकार, सुनार, दर्जी छीपा , केश - कर्तक ( नाई ), जीनगर मोची, धोबी आदि कामगारों के सामने अपने जीवन यापन को लेकर संकट खड़ा हो गया है।
इन सब बातों को देखते हुए उन्होंने सरकार से परम्परागत कारीगरों की दैनिक जरूरतों की पूर्ति हेतु एक बड़ा राहत पैकेज देने, अपना काम-धंधा चालू करने के लिए बिना ब्याज सब्सिडी सहित लंबी अवधि के लिए ऋण देने तथा सरकार के सम्बंधित विभागो द्वारा इन परम्परागत कारीगरों की गणना कराकर उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग की।
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