बागपत। विपुल जैन
महाराणा प्रताप पब्लिक स्कूल अग्रवाल मंडी टटीरी में क्रांतिकारी पंडित रामप्रसाद बिस्मिल की जयंती पर हवन का आयोजन किया गया।
यज्ञ की ब्राह्म प्रियांशी आर्या ने उनका गीत सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है प्रस्तुत किया। राजपूत विकास समिति के महामंत्री एडवोकेट मनोज आर्य ने कहा कि भारत माता के वीर सपूत और महान क्रांतिकारी राम प्रसाद बिस्मिल का जन्म 11 जून 1897 को उत्तर प्रदेश में शाहजहांपुर जिले के मोहल्ला खिरनीबाग में हुआ था। वह बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के धनी थे। हिन्दी, उर्दू, संस्कृत, अंग्रेजी भाषा का उन्हें अच्छा ज्ञान था। उन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में नया अध्याय जोड़ा। गुलामी की बेड़ियां तोड़ी और आजादी से मोहब्बत की। उन्होंने ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिला दी थी। नवयुवकों का नेतृत्व करने वाले पंडित रामप्रसाद बिस्मिल कई प्रतिभाओं के धनी थे। राष्ट्रप्रेम की कविताओं के साथ-साथ वह शायरी भी करते थे। बिस्मिल के क्रांतिकारी विचारों ने स्वतंत्रता आंदोलन को एक अलग ही दिशा दी। ऐसे वीर रणबांकुरे के जन्मदिवस पर जिन्होंने हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूम लिया, उनको वह शत-शत नमन करते हैं। इस मौके पर आकांक्षी शर्मा, प्रियंका आर्या, दिव्यांशी आर्या, रीतिका आर्या, अमरदीप व्यास, प्रेम राजपूत, कनिष्का आर्या आदि थे।
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