बागपत। विपुल जैन
धर्मनगरी अतिशय क्षेत्र सरूरपुर कला स्थित श्री 1008 नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में अष्टाहनिका महापर्व के अंतर्गत पूज्य आचार्य भगवन श्री वसुनंदी जी एवं विनिश्चयसागर जी मुनिराज के मंगल आशीर्वाद एवं मुनि श्री शिवानंद जी प्रशमानंद जी महाराज की मंगल प्रेरणा से श्री जिनसहस्त्रनाम महामंडल विधान निर्विघ्न पूर्ण हुआ।
इसमें लगातार 8 दिनों तक आदिनाथ प्रभु की आराधना 1008 अर्घ्य चढाकर की गई। समाज के सभी लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतिदिन सुबह श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा के पश्चात 8 दिनों तक विधान हुआ, जिसमें मुख्य कलश महेश जैन ऋषभ जैन ने स्थापित किया। सौधर्म इंद्र प्रदीप जैन, विपिन जैन, शुभम जैन, मनोज जैन, रवि जैन, राजीव जैन ,प्रमोद जैन एवं जिन शासन प्रभावना संघ ने बनकर प्रभु की आराधना की। मुख्य निर्देशन नमन जैन विनिश्चयांश सरूरपुर कलां का रहा, जिन्होंने प्रतिदिन सुबह विधान एवं शाम को श्रीजी की मंगल आरती ,प्रवचन, प्रश्न मंच एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम संपन्न कराएं। सरूरपुर के समस्त बालक एवं बालिका मंडल ने अपना पूर्ण समर्पण भाव के साथ इस माह आराधना में सहयोग प्रदान किया एवं विभिन्न समाज की श्रेष्ठीगणों ने अपनी चंचला लक्ष्मी का इस विधान में सदुपयोग किया। अंतिम दिन सभी लोगों का सम्मान किया गया।

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