इन तकनीकों को सीख कर लड़कियाँ अपने सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा कर सकती है ।तदुपरांत मेहन्दी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया ।जिसमें पलकी शर्मा, तनु, आँचल, मीनू, सोनम, शालू, आयशा, नेहा,वसुंधरा आदि ने सुन्दर मनमोहक डिज़ाइन बनाते हुए मिशन शक्ति अभियान की थीम हथेलियों पर उकेरी ।प्रतियोगिता में प्रथम स्थान शालू ,द्वितीय स्थान सोनम तृतीय स्थान आयशा ,पलकी शर्मा ने प्राप्त किया ।
कार्यक्रम अधिकारी डा गीता रानी ने कहा कि बेटियाँ कमजोर नहीं सुकोमल होती हैं परन्तु वे शक्ति का प्रतीक होतीं हैं ।वो जननी अन्नपूर्णा है।आज प्रत्येक क्षेत्र में बेटियाँ अपने दायित्वों को अत्यंत कुशलता से निभा रहीं हैं ।मेहन्दी प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल में डा अलका रानी, डा नीलम राणा,डा रीना,डा पूनम मलिक का विशेष योगदान रहा है ।

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