आनंद, उल्लास व भाईचारे का पर्व है होली का त्यौहार
वर्तमान में कुछ नशेड़ी लोगों ने बिगाड़ दिया होली का माहौल
बागपत। विपुल जैन
प्रमुख समाज सेवी एवं जिला पंचायत के वार्ड नंबर 16 से भावी प्रत्याशी संजय डीलर ने कहा कि होली पूरे देश में किसी ना किसी रूप में मनाई जाती है। सभी वर्गों के लोग इसमें शामिल होते है। होली आनन्द, उल्लास तथा भाईचारे को बढ़ावा देने का पर्व है, सभी को इस पर्व पर अपने गिले-शिकवे दूर करने चाहिए।
संजय डीलर बुधवार को नगर में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने बताया कि अब से लगभग आधा दशक पूर्व होली के आने का उत्सुकता से इंतजार किया जाता था। फाल्गुन मास शुरू होते ही लोगों में नई चेतना जागृत हो जाया करती थी। लोग फूलों को इकट्ठा करना शुरू कर देते थे और उसी से वह प्राकृतिक रंग बनाते थे। अपनी उम्र वाले लोगों को ही रंग लगाया जाता था। अपने से बड़ी उम्र वाले लोगों के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लेते थे। जो लोग दूर-दराज शहरों में जाकर नौकरी करते थे, वह सब होली पर छुट्टी लेकर अपने घर आते थे। उसके बाद वह सामूहिक रूप से अपने घर-परिवार, मोहल्ले-पड़ौस व यार-दोस्तों के साथ होली खेलते थे। लेकिन वर्तमान में कुछ नशेड़ी लोगों ने होली का माहौल बिगाड़ दिया है, जिसमें सुधार होना चाहिए। सभी को होली एकता व भाईचारे के साथ मनानी चाहिए।
वर्तमान में कुछ नशेड़ी लोगों ने बिगाड़ दिया होली का माहौल
बागपत। विपुल जैन
प्रमुख समाज सेवी एवं जिला पंचायत के वार्ड नंबर 16 से भावी प्रत्याशी संजय डीलर ने कहा कि होली पूरे देश में किसी ना किसी रूप में मनाई जाती है। सभी वर्गों के लोग इसमें शामिल होते है। होली आनन्द, उल्लास तथा भाईचारे को बढ़ावा देने का पर्व है, सभी को इस पर्व पर अपने गिले-शिकवे दूर करने चाहिए।
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| समाजसेवी संजय डीलर |
संजय डीलर बुधवार को नगर में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने बताया कि अब से लगभग आधा दशक पूर्व होली के आने का उत्सुकता से इंतजार किया जाता था। फाल्गुन मास शुरू होते ही लोगों में नई चेतना जागृत हो जाया करती थी। लोग फूलों को इकट्ठा करना शुरू कर देते थे और उसी से वह प्राकृतिक रंग बनाते थे। अपनी उम्र वाले लोगों को ही रंग लगाया जाता था। अपने से बड़ी उम्र वाले लोगों के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लेते थे। जो लोग दूर-दराज शहरों में जाकर नौकरी करते थे, वह सब होली पर छुट्टी लेकर अपने घर आते थे। उसके बाद वह सामूहिक रूप से अपने घर-परिवार, मोहल्ले-पड़ौस व यार-दोस्तों के साथ होली खेलते थे। लेकिन वर्तमान में कुछ नशेड़ी लोगों ने होली का माहौल बिगाड़ दिया है, जिसमें सुधार होना चाहिए। सभी को होली एकता व भाईचारे के साथ मनानी चाहिए।


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