बागपत। विपुल जैन
एनवायरनमेंट एंड सोशल रिसर्च आर्गेनाईजेशन एवं हरित प्राण ट्रस्ट के संतुक्त तत्वाधान में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस मैमोरियल इंटर कॉलेज तवेलागढ़ी के प्रांगण में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमे अशोक, पेंडुला और फायिक्स के 40 पेड़ रोपे गए।
इस मौके पर हरित प्राण ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. दिनेश बंसल ने कहा कि विश्व में खोफ का पर्याय बन चुके कोरोना वायरस से डरे नहीं बल्कि सावधानी बरतें। यदि इसको लेकर कुछ सावधानी बरती जाए तो इस बीमारी से आसानी से सुरक्षित रहा जा सकता है। यह वायरस व्यक्ति से व्यक्ति में फैलता है। इसे संक्रमण की बीमारी भी कह सकते है। जिस व्यक्ति को जुकाम या बुखार हो, उस व्यक्ति को खुद भी घर में आराम करना चाहिए और अन्य लोगों को भी उससे दूरी बनाकर रखनी चाहिए। अगर व्यक्ति को खांसी या छींक आए तो हाथ की जगह कोहनी या फिर टीशू पेपर का इस्तेमाल करे। साथ ही कुछ समय बाद अपने हाथो को साबुन से धोएं। किसी भी संक्रमित व्यक्ति से दूरी बना कर रखे। संक्रमित व्यक्ति के द्वारा छूई हुई वस्तु को न छुएं। इस बीमारी के लक्षण सामान्यतः सर्दी, खांसी, जुखाम और बुखार है। इस अवसर पर एस्रो के निदेशक संजय राणा ने कहा कि मनुष्य इसी प्रकार प्रकृति से खिलवाड़ करता रहा तो कोरोना वायरस जैसी गंभीर बीमारियां इंसान को झेलनी होंगी। इसलिए आप सब प्रकृति से प्रेम करना सीखो और स्वस्थ रहो। हमें वापस प्रकृति की ओर लौटना होगा। एस्रो के सचिव देवेन्द्र फोगाट ने कहा कि मनुष्य को अपनी जीवन शैली बदलनी होगी। तभी व्यक्ति स्वास्थ रह सकता है। साथ ही हर व्यक्ति को ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने होंगे और शाकाहारी बनना होगा। इस मौके पर प्रबंधक देवेन्द्र, प्रधानाचार्य रूकंपाल यादव, प्रधान राजीव कुमार, हरेंद्र सिंह आदि का सहयोग रहा।
एनवायरनमेंट एंड सोशल रिसर्च आर्गेनाईजेशन एवं हरित प्राण ट्रस्ट के संतुक्त तत्वाधान में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस मैमोरियल इंटर कॉलेज तवेलागढ़ी के प्रांगण में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमे अशोक, पेंडुला और फायिक्स के 40 पेड़ रोपे गए।
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| बागपत के तवेलागढ़ी गांव स्थित सुभाष चंद बोस मेमोरियल इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार रखते हरित प्राण ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ दिनेश बंसल |
इस मौके पर हरित प्राण ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. दिनेश बंसल ने कहा कि विश्व में खोफ का पर्याय बन चुके कोरोना वायरस से डरे नहीं बल्कि सावधानी बरतें। यदि इसको लेकर कुछ सावधानी बरती जाए तो इस बीमारी से आसानी से सुरक्षित रहा जा सकता है। यह वायरस व्यक्ति से व्यक्ति में फैलता है। इसे संक्रमण की बीमारी भी कह सकते है। जिस व्यक्ति को जुकाम या बुखार हो, उस व्यक्ति को खुद भी घर में आराम करना चाहिए और अन्य लोगों को भी उससे दूरी बनाकर रखनी चाहिए। अगर व्यक्ति को खांसी या छींक आए तो हाथ की जगह कोहनी या फिर टीशू पेपर का इस्तेमाल करे। साथ ही कुछ समय बाद अपने हाथो को साबुन से धोएं। किसी भी संक्रमित व्यक्ति से दूरी बना कर रखे। संक्रमित व्यक्ति के द्वारा छूई हुई वस्तु को न छुएं। इस बीमारी के लक्षण सामान्यतः सर्दी, खांसी, जुखाम और बुखार है। इस अवसर पर एस्रो के निदेशक संजय राणा ने कहा कि मनुष्य इसी प्रकार प्रकृति से खिलवाड़ करता रहा तो कोरोना वायरस जैसी गंभीर बीमारियां इंसान को झेलनी होंगी। इसलिए आप सब प्रकृति से प्रेम करना सीखो और स्वस्थ रहो। हमें वापस प्रकृति की ओर लौटना होगा। एस्रो के सचिव देवेन्द्र फोगाट ने कहा कि मनुष्य को अपनी जीवन शैली बदलनी होगी। तभी व्यक्ति स्वास्थ रह सकता है। साथ ही हर व्यक्ति को ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने होंगे और शाकाहारी बनना होगा। इस मौके पर प्रबंधक देवेन्द्र, प्रधानाचार्य रूकंपाल यादव, प्रधान राजीव कुमार, हरेंद्र सिंह आदि का सहयोग रहा।

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