वर्ष 2021 में जाकर सुधर पाएगी भारत की अर्थव्यवस्था
16 सितम्बर वर्ष 2020 से भारत से समाप्त होगा कोरोना
बागपत। विपुल जैन
ज्योतिष के जानकार एवं समाज सेवी सतीश पंवार बली ने कहा कि आज हम कोरोना के डर से घर से नहीं निकल पा रहे हैं। प्रत्येक मनुष्य इस बीमारी से डरा सहमा हुआ है, लेकिन मनुश्य यह सोचता है कि मुझे यह बीमारी न होकर किसी ओर को या वृद्ध लोगों को ही होगी। टीवी पर देखकर हम सोचते है कि यह अमीरो एवं विदेशियों की बीमारी है। परन्तु यह नहीं पता की यह अदृश्य बीमारी है, जो किसी को भी हो सकती है।
सतीश पंवार बली ने बताया कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने एक बयान में कहा है कि इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि अमेरिका एक अदृश्य दुश्मन से लड़ रहा है और उसका सामना नहीं कर पा रहा हैं। भारतवर्ष में पंजाब प्रांत के सर्वाधिक लोग विदेश में रहते है। इसलिए पंजाब के लोगों में कोरोना की अधिकता ज्यादा है। हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी इससे निपटने के लिए अपनी सारी मिशनरी लगाये हुए है। परन्तु खुद प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी भी ग्रहों की चाल से भी अवगत है। जिस प्रकार थाली, शंख बजाना है, चाहे 9 बजकर 9 मिनट पर दीपक का जलाना है, जोकि मंगल ग्रह की और इंगित करता है। भारतवर्ष राशि, नक्षत्र, दशा, लग्न एवं ग्रहों की गणना हजारों वर्षों से ऋषि मुनि, साधु संत करते आये है। चाहे रामायण काल हो या महाभारत काल, मुगलकाल एवं आज के परिवेश में शादी, मुंडन आदि में ग्रहों की गणना की जाती है। सतयुग में नारद जी भविष्यवाणी एवम हस्त रेखा के विद्वान थे। पार्वती माता का हाथ देखकर ही नारद जी ने शिवजी के विषय में भावी पति की घोषणा की थी। आज भी ग्रह की गणना से ही व्यापारी अपना लाभ-हानि देखते है। भवन निर्माण, जन्म-मृत्यु विवाह में अच्छे मुहूर्त को देखा जाता है। अगर हम कोरोना पर भारत की बात करें तो यह मार्च में देखने को मिला। नवसम्वत 2077 जोकि बुद्ध ग्रह का अधिपति है। इसने भारत में प्रवेश किया। हमारे प्रधानमंत्री ने भी ज्योतिष गणना जैसा की मेरी राय के आधार पर ही 14 अप्रैल 2020 तक लाॅक डाउन किया है। 13 अप्रैल 2020 को मेष सक्रांति है, इसके बाद सूर्य ग्रह का उच्च राषि में गमन होगा, तब शनि की दृष्टि सूर्य ग्रह से हट जाएगी। ऐसे में कोरोना से कुछ राहत मिलने की संभावना है। अगर बात करें मंगल ग्रह की जोकि पराक्रम भूमि-सम्पत्ति, सैन्य शक्ति, दवाई, धन का स्वामी है। रक्त जैसा इसका रंग है। रक्त की बीमारी आदि का कारक है।
22 मार्च 2020 से अपनी उच्च राशि मकर में प्रवेश कर गया है, जोकि 4 मई 2020 तक गोचर करेगा। यह दुख पीड़ा, रोग का कारक है। गुरू शनि भी मकर राशि में विराजमान है। मेरी अपनी गणना के अनुसार 7 मई 2020 से कोरोना रोग में 70 प्रतिशत राहत मिलेगी। 16 सितम्बर 2020 से भारत से कोरोना पूर्ण रूप से समाप्त होगा। परन्तु भारत की अर्थव्यवस्था मार्च 2021 में ही सुधर पाएगी। मार्च 2021 के बाद भारतववर्ष विश्व गुरू बनने की ओर अग्रसर होगा, यह अपने आप पर निर्भर होगा। चीन समस्त विश्व से कट जाएगा। समस्त विश्व चीन का बहिष्कार करेगा। यह महाशक्ति नहीं रह पाएगा। एशिया में भारत के उद्योग नम्बर एक पर होंगे। बेरोजगारों को भरपुर रोजगार बड़े पैमाने पर मिलेगा। प्रत्येक मनुष्य अपनी कामना को कम करेगा एवं अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देगा। प्रकृति ने यह एहसास सबको करा दिया है।
May God bless all of us and give strength to fight against covid 🙌🙌
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