पूणे से हो रहा सामूहिक ध्यान का लाइव प्रसारण: अवधेश | NMPK Media @Baghpat

Admin
0
शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है सहजयोग सामूहिक ध्यान शक्ति
पचास देशों के लगभग दो लाख लोग कर रहे आॅनलाइन मेडिटेशन
बागपत। विपुल जैन
सारी दुनिया आज के इस दौर में कोरोना वायरस के संक्रमण से ग्रसित है। इस वैश्विक महामारी से मानव जाति के संरक्षण हेतू दुनिया भर में प्रत्येक स्तर पर सकारात्मक पहल जारी है। सहज योग विश्व सामूहिकता से जुड़े साधक इस समय ध्यान योग के माध्यम से अपनी आध्यात्मिक शक्ति को विश्व संरक्षण की दिशा में विस्तारित करने में जुटे है।
सहज योग से जुड़े हुए बागपत के जिला समन्वयक अवधेश कुमार शर्मा ने बताया कि कोविड-19 से निर्मित आपदा के प्रभाव को कम करने एवं उसके उन्मूलन की दिशा में विश्वभर में फैले हुए सहजयोगी साधक लाॅक डाउन और सामाजिक दूरी के इस दौर में अपने-अपने घरों पर आॅन लाइन सामूहिक ध्यान से जुड़कर दिव्य चेतना को वातावरण में फैला रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारत में सामूहिक ध्यान का आॅनलाइन प्रसारण पूणे स्थित सहज योग आश्रम प्रतिष्ठान से प्रतिदिन सुबह साढ़े पांच बजे से शाम को सात बजे विज्ञान एवं तकनीकी के मर्मज्ञ पूर्ण रूप से स्थापित सहजयोगियों द्वारा किया जा रहा है। जिसे पूरब से लेकर पश्चिम तक दुनियाभर में फैले सहजयोगी साधक प्रतिदिन अपने-अपने घरों में सुरक्षित रहकर निर्धारित समय पर घर बैठे विश्व सामूहिकता से जुड़कर सामूहिक ध्यान कर रहे हैं। इस हेतू सहज योग नेशनल ट्रस्ट नई दिल्ली ने यू-टयूब लाइव, फेसबुक लाइव, मिक्सलेर और नेशनल टीवी जैसे प्लेटफार्म का उपयोग कर इन्हें सामूहिक ध्यान का माध्यम बनाया है। अब ध्यान का यह कार्य सभी साधकों की दिनचर्या बन गई है। जनपद बागपत के अनेकों लोग इसका लाभ उठा रहे हैं। सहजयोग सामूहिक ध्यान शक्ति मानव शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को सशक्त बनाती है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है, जिससे शरीर निरोगी रहता है। जो लोग इस दौर में लाभान्वित होने की इच्छा रखते है उनके लिए प्रतिदिन आॅनलाइन ट्रेनिंग प्रोग्राम शाम को पांच बजे आयोजित हो रहा है, जिससे जुड़ने वाले नये साधकों का ग्राफ दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। बताया कि सहजयोग पूरी तरह निशुल्क है। इसमें किसी भी धर्म-सम्प्रदाय या जाति के लोग जुड़ सकते है। नये साधकों के जुड़ने के लिए टोल फ्री नम्बर- 180030700800 जारी किया गया है, जिसे देशभर में फैले सहजयोगी संचालित कर रहे हैं। बताया कि प्रथम लाॅक डाउन के दौरान से 50 देशों के लगभग दो लाग लोग आॅनलाइन मेडिटेशन कर रहे हैं।

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

If you have any doubts, please let me know

एक टिप्पणी भेजें (0)
To Top