मॉबलिंचिंग जैसे घिनोने अपराध के खिलाफ सभी आगे आये : कुलदीप | NMPK Media @Baghpat

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बागपत। विपुल जैन
उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री डॉ कुलदीप उज्जवल ने कहा कि हत्या किसी की भी हो उसे किसी भी सूरत में जस्टिफाई नहीं किया जा सकता है। यह राज्य के विरुद्ध अपराध तो है ही, लेकिन इससे पहले कुदरत के नियमों का खुला उल्लंघन भी है। हत्या से भी अधिक जघन्य अपराध की संज्ञा भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी जाती है, जिसे मॉबलिंचिंग कहते हैं। यह कभी हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं हो सकती है। 
डॉ कुलदीप उज्जवल शुक्रवार को पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्षों पहले उड़ीसा के ग्राहम स्टेन्स प्रकरण, राजस्थान के पहलू खान प्रकरण, यूपी के इंस्पेक्टर सुबोध प्रकरण और महाराष्ट्र में संतों की हत्या के प्रकरण तक मॉबलिंचिंग की घटनाएँ विचलित करने वाली हैं। आखिर इन्हें अंजाम देने वालों को प्रेरणा, प्रोत्साहन, प्रशिक्षण और सुरक्षा कौन प्रदान कर रहा है। देश भर में जो गिरोह भीड़ की शक्ल में मॉबलिंचिंग कर रहे हैं, वह सिर्फ़ क़ानून-व्यवस्था पर नहीं बल्कि लोकतंत्र पर भी हमला है। यह किसी व्यक्ति विशेष की नहीं बल्कि लोकतंत्र की मॉबलिंचिंग है। लेकिन दुर्भाग्य यह है कि जहाँ समाज को जाति और धर्म की बंदिशों से ऊपर उठकर मॉब लिंचिंग जैसे कुकृत्यों की कड़ी भर्त्सना करनी चाहिए, आँखों को धधकती अग्नि के समान लाल करके हत्यारों को उनकी औकात बतानी चाहिए, वहाँ समाज के कुछ तथाकथित ठेकेदार उनका फूल मालाओं से स्वागत करते हैं, हत्यारों के ऊपर जाति और धर्म का सुरक्षा आवरण डालते हैं, यही कारण है कि मॉबलिंचिंग करने वाली जाहिल भीड़ में लगातार इजाफा हो रहा है। ऊपर से कानून का लचीलापन और ऐसे संगीन अपराधों का राजनीतिकरण इन घटनाओं में कमीं के बजाय लगातार इज़ाफ़ा कर रहा है। ऐसे में सच्चे देशभक्तों को आगे आना पड़ेगा और मानवता की सोच को प्रबल करके  मॉबलिंचिंग जैसे घिनौने अपराधों के खिलाफ बोलना पड़ेगा, वरना सर्वनाश तय है।

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