आर्थिक संकट से उभरने हेतु एकमात्र उपाय कृषि का विकास
बागपत । विपुल जैन
कोरोना वायरस के संक्रमण से अब कोई भी अछूता नहीं है चाहे वह उद्योग जगत हो या फिर कृषि जगत. भारत में किसान पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और इस नई महामारी ने उनकी मुसीबतें और बढ़ा दी हैं।
माइंडसेलो के जिलाध्यक्ष व क्लाइमेट वॉरियर्स के वरिष्ठ सदस्य अमन कुमार ने पत्रकारों से वार्ता में कहा कि प्रशासन को लॉक डाउन के साथ साथ किसान के बारे में भी सोचना होगा क्योंकि भारत एक कृषि प्रधान देश है। यदि इस संकट की घड़ी में सरकार द्वारा कृषि को उद्योग का दर्जा दे दिया जाए तो अन्नदाता किसान देश को इस आर्थिक संकट से उभारने में मददगार साबित हो सकता है। इसके लिए जल्द ही माइंड सेलो के तत्वाधान में राष्ट्रीय स्तर की रणनीतियों को भी सरकार के समक्ष पेश की जाने की तैयारी है।
उन्होंने कहा कि इस आपदा में कृषि कर्ज की वसूली व किस्तों को भी एक वर्ष के लिए स्थगित करना बेहतर होगा। किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट दोगुनी कर ब्याज दर भी घटाकर एक फीसद कर देनी चाहिए, ताकि किसान साहूकारों से महंगा कर्ज लेने के लिए बाध्य न हों।
मंडियों के बंद होने या कम क्षमता पर काम करने के कारण किसानों को फसलों के सही दाम नहीं मिल रहे हैं। गरीबों, किसानों, मज़दूरों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए सरकार ने कई बड़े निर्णय लिए हैं। आशा है देश हित में सरकार और निर्णय भी लेगी तथा इनका ज़मीन पर सही क्रियान्वयन भी होगा। ऐसे वक्त में किसी भी देश के लिए अपने सभी निवासियों को भोजन उपलब्ध करवाना सबसे बड़ी चिंता का विषय होता है। अतः देश की खाद्य सुरक्षा के लिए कृषि कार्यों और इससे जुड़ी सारी व्यवस्था का निर्बाध रूप से चलना अति आवश्यक है।
उन्होंने सरकार से हर संभव किसानों की मदद करने के लिए आगे आने का आह्वान किया।
Amazing 😍
जवाब देंहटाएंThanks a Million ❤️
हटाएंयह एक विचारणीय बिंदु है ।
जवाब देंहटाएंThanks a Million ❤️
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