बागपत। विपुल जैन
अग्रवाल मंडी टटीरी में पृथ्वीराज चौहान की जयंती पर हवन का आयोजन किया गया। इसमें सभी ने सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए हवनकुंड में आहुतियां डाली।
इस मौके पर राजपूत विकास समिति के जिला महामंत्री एडवोकेट मनोज कुमार आर्य ने कहा कि वह उन वीरों को नमन करते है, जिन्होंने अपनी वीरता से इस देश की स्वतंत्रता की मिसाल जलाए रखी है। कुछ भी हो एक बात तो निश्चित है कि गोरी युद्ध में टूट गया था और वह बहुत लज्जित हुआ था। यदि जयचंद जैसे लोग यहां ना होते, वह भारत की ओर फिर कभी नहीं आता। यह भी सत्य है कि चाहे पृथ्वीराज चौहान अपने शत्रु गोरी को बार-बार छोड़ने की गलती कर रहा था, तो भी उसने मां भारती के सम्मान और प्रतिष्ठा में आंच नहीं आने दी। पृथ्वीराज चौहान ने कभी भी विदेशी शत्रुओं से और भारत के स्वाधीनता के भक्षको से अपने सम्मान की या राष्ट्र के स्वाभिमान के प्रश्न पर कोई समझौता नहीं किया। वह एक ऐसे शासक थे, जिसे बाहरी और भीतरी शत्रुओं से एक साथ जूझना पड़ा था परंतु उसमें अत्यंत विषम परिस्थिति में भी अपना साहस नहीं खोया। पृथ्वीराज चौहान जी के पराक्रमी नेतृत्व और स्वाधीनता के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले पृथ्वीराज चौहान का नाम इतिहास में आज स्वर्णिम अक्षरों में लिखा गया है। इस मौके पर आर्य भूषण, ओमपाल आर्य, मनोज आर्य, प्रियंका आर्या, प्रियांशी आर्या, कनिष्का आर्या, जानवी आर्या आदि उपस्थित रहे।
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