बागपत। विपुल जैन
समाजसेवी मनीष विश्वकर्मा एडवोकेट ने देश के प्रधानमंत्री जी, मानव संसाधन विकास मंत्री व मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को पत्र भेजा और जुलाई माह में स्कूल- कॉलेज खोलने के निर्णय पर पुनः विचार कर इसमें संसोधन किये जाने की मांग की।
मनीष विश्वकर्मा ने कहा कि भारत सरकार के अनलॉक-1 की गाइडलाइन के अनुसार द्वितीय चरण यानी जुलाई माह में स्कूल- कॉलेज खोलने का निर्णय सही नही है। क्योंकि देश मे कोरोना पीड़ितों की संख्या रोजाना बढ़ रही है। ऐसे में स्कूल-कॉलेज को खोलने का निर्णय बच्चो के लिए घातक हो सकता है। स्कूल- कॉलेज में बच्चे अलग- अलग जगहों से बसों व टैक्सी के द्वारा स्कूलों में पहुँचेगे ओर सोशल डिटेंसिग का पालन कल्पना से परे होगा। साथ ही स्कूल- कॉलेज संचालक ट्यूशन फीस व ऑनलाइन शिक्षा के नाम पर बच्चों व अभिभावकों का शोषण करेंगे। स्कूल प्रशासन व सरकार द्वारा बच्चो की कोरोना वायरस से सुरक्षा व जाँच हेतु कोई व्यवस्था नही है ओर न ही सरकार के पास एंटी कोरोना टिका व दवा उपलब्ध है। बच्चे ऑनलाइन व्हाट्सएप द्वारा कोर्स कर रहे है ओर जब-जब स्कूल खुले ही नही तो फीस देने का सवाल ही नही है। इसलिए इस वर्ष को शून्य वर्ष घोषित किया जाये तथा जब तक कोरोना वायरस का टीका व दवा ना आये तब तक स्कूल- कॉलेज को बंद रखा जाये।
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