बागपत। विपुल जैन
बागपत के पूर्व कोतवाली प्रभारी एवं सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक विद्यार्णव शर्मा ने कारगिल युद्ध की पुरानी यादों को ताजा किया और कहा कि इस युद्ध में अपने प्राणों की आहुति देने वाले सैनिकों की शहादत कभी नही भुलाई जायगी।
विद्यार्णव शर्मा ने बताया कि कारगिल युद्ध के समय सीमा पर बड़ी संख्या में युवा सैनिक नियुक्त थे। उन्होंने राष्ट्र रक्षा में अपने प्राणों की आहूति देकर अपने देश, समाज और परिवार को गौरवान्वित किया। उस समय वह जनपद हाथरस में प्रभारी निरीक्षक के पद पर नियुक्त थे l बॉर्डर से शहीद सैनिकों के पार्थिव शरीर आ रहे थे। उनके अंतिम संस्कार में हजारों लोगों की भीड़ आती थी और नम आँखों से उन्हें अन्तिम विदाई दी जा रही थी। वह भी जनपद हाथरस के प्रत्येक सैनिक के अंतिम संस्कार में उपस्थित रहे। कारगिल युद्ध के अमर शहीदों की स्मृति जीवंत करने का संकल्प उनके मन में आया। थाना सिकंदरा राऊ परिसर में शहीद स्मारक का निर्माण ब्लैक ग्रेनाइट पत्थर से भव्य रुप से कराया गया। कारगिल युद्ध में आगरा मण्डल के जनपद हाथरस के 6 सैनिक, मथुरा के 3, अलीगढ़ के 6, मैनपुरी के 7, फिरोजाबाद के 2, एटा के 2 तथा आगरा के 9 सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए थे l आगरा मण्डल के इन 35 अमर सैनिकों के नाम शहीद स्मारक के स्तम्भ पर स्वर्णअक्षरों में अंकित कराये गये। भव्य शहीद स्मारक का निर्माण लायन्स क्लब सिकंदराराऊ के सौजन्य से हुआ l शहीद स्मारक पर सबसे ऊपर सैन्य क्षमता के सम्बंध में वर्णित अथर्ववेद का मंत्र अंकित है, जिसका अर्थ है-हमारे वीर योद्धा और उनके अस्त्र शस्त्र विजयी हों और वे राष्ट्र की ध्वजा को ऊँचा ही फहराते रहें। इसका उद्धघाटन तत्कालीन पुलिस महानिदेशक महेश चन्द्र द्विवेदी द्वारा किया गया l उदघाटन समारोह में श्री असीम अरूण आईपीएस ,राजकुमार विश्वकर्मा आईपीएस भी उपस्थित थे। कारगिल युद्ध में परमवीर चक्र से विभूषित योगेंद्र यादव, कर्नल जयवीर सिंह ,कर्नल आरएस शर्मा विशिष्ट अतिथि के रुप में उपस्थित थे। राजपूत रेजीमेंट फ़तेहगढ़ के सैन्य बैंड ने शहीद सैनिकों का यशोगान किया। कार्यक्रम में परमवीर योगेंद्र यादव ने जब कारगिल युद्ध के संस्मरण सुनाये तो अनेकों बार सभागार भारत माता की जय के उदघोषों से गूंज उठा l
If you have any doubts, please let me know