नारी सशक्तिकरण के लिए मात पिता हो जागरूक : गुप्ता । NMPK Media @Baghpat

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बागपत। विपुल जैन 
एन्टी करप्शन मूवमेंट भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ ओमकार गुप्ता ने कहा कि नारी सशक्तिकरण की दिशा में बेटियों को जागरूक करने के लिए अपनी पुत्री का विवाह करनेे से पूर्व अपनी बेटी को भारतीय संस्कृति की शिक्षा, भारतीय रीति-रिवाजों की शिक्षा देने के साथ- साथ उसे इतना हौसला भी दो कि वह शादी जैसे पवित्र बंधन में बन्धने से पूर्व अपने होने वाले पति (सौहर) से कुछ सवालातो के उत्तर सप्रमाण प्राप्त कर सके। 
कहा कि बेटी को चाहिए कि वह अपने होने वाले पति की नौकरी और मिलने वाले वेतन की जानकारी के लिए सेवायोजक द्वारा देय नियुक्ति पत्र और सैलेरी स्लिप उपलब्ध कराने के लिए नम्रता पूर्वक आग्रह करे, जिससे पता लग सके कि उसका होने वाला पति आत्मनिर्भर है अथवा अपने माता-पिता की आमदनी पर निर्भर है। बेटी को चाहिए कि वह पता करे कि उसका होने वाला पति किसी गम्भीर रोग से तो पीडित नहीं है। इसके लिए बेटी को चाहिए कि वह अपने होने वाले पति की हॉस्पिटल ले जाकर वहाँ से जांच कराये, ताकि भविष्य में पति के दोषों का ठीकरा पत्नी के सिर ना फोडा जा सके। बेटी को चाहिए कि वह पता करे कि जिस घर में वह जा रही है वह घर किसका है? होने वाले सास ससुर का है या किराये का है। यदि सास ससुर अपना घर का मकान बताते हैं, तब बैनामे (रजिस्ट्री) के कागजातों का सत्यापन भी स्वयं कराये। ऐसा करने से बेटी को दर-दर की ठोकरे नहीं खानी पडेंगी। अक्सर ऐसा भी देखने में आता है कि माता-पिता अपने बद्धिहीन बालक की शैक्षिक योग्यता दिखाने के लिए फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र बनवाकर शादी कर देते है, जिसके शादी के बाद भयंकर परिणाम आते हैं। यदि बेटी को इस प्रकार की भी शिक्षा दी जाये तो शादी के बाद आने वाली भयंकर पीडा को रोका जा सकता है और दो परिवारों के बीच वैमनस्यता के स्थान पर प्यार और स्नेह की वृद्धि होगी। साथ ही दाम्पत्य जीवन भी खुशहाल होगा।

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