संविधान लोकतंत्र की सबसे पवित्र पुस्तक: देवेन्द्र | NMPK Media @Baghpat

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लोगों को संविधान के नियमों का पालन करने की दिलाई शपथ
भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पी थे बाबा साहब अम्बेडकर

बागपत। विपुल जैन
मिशन नारी शक्ति के अन्तर्गत सविंधान दिवस के अवसर पर
नवोदय लोक चेतना कल्याण समिति के सौजन्य से सांकरौद गांव की प्राइमरी पाठशाला नंबर-1 में कार्यक्रम का आयोजन किया गया, इसमें लोगों को संविधान के नियमों का पालन करने की शपथ दिलाई गई।
इस मौके पर नवोदय लोकचेतना कल्याण समिति के महासचिव देवेन्द्र धामा ने लोगों को संविधान की प्रस्तावना के बारे में बताया। कहा कि भारत एक सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य है। इसके सभी नागरिकों को न्याय, सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना करने की स्वतंत्रता प्राप्त है। उन्होंने कहा कि सभी लोगों को राष्ट्र की एकता व अखंडता को बनाये रखने के लिए दृढ़ संकल्प होकर संविधान के नियमों का पालन करना चाहिए। कहा कि भारतीय संविधान लोकतंत्र की सबसे पवित्र पुस्तक है। भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पी बाबा साहब डाॅ भीमराव अम्बेडकर थे। संविधान का प्रारूप तैयार करने में वह अकेले ही लगे थे। उन्होंने इस कार्य को प्रशंसनीय ढंग से निभाया।
इस अवसर पर संस्था के प्रधानाचार्य मनोज कुमार, यदुवंशी, सहायक अध्यापक सपना जैन, नेहा जैन, आशिफ, मंजीत सिंह, नवीनता व रुचिका आदि उपस्थित रहे।

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