कार्तिक पूर्णिमा पर है दीपदान का विशेष महत्व : शास्त्री | NMPK Media @Baghpat

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बागपत। विपुल जैन
साहित्याचार्य पंडित नीरज शास्त्री ने बताया कि आगामी 30 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा परंपरागत रीति- रिवाजों के अनुसार मनाई जाएगी।
यह पूर्णिमा तिथि बहुत ही महत्वपूर्ण तिथि मानी जाती है। इसमें दीपदान कराया जाता है। गंगा स्नान के बाद दीपदान का बहुत बड़ा महत्व है। हिंदू धर्म में जितना महत्व कार्तिक मास की अमावस्या का माना जाता है, उतना ही महत्व कार्तिक मास की पूर्णिमा का भी है। बताया कि इस दिन गंगा में स्नान किया जाता है। इस दिन दान करने से अत्यधिक फल की प्राप्ति होती है। बताया कि पूर्णिमा तिथि 29 नवंबर की रात को 12 बजकर 45 मिनट से प्रारंभ हो जाएगी और उसके बाद 30 नवम्बर की रात को 2 बजकर 59 मिनट पर समाप्त होगी। बताया कि कार्तिक पूर्णिमा देवी- देवताओं को प्रसन्न करने का दिन माना जाता है। इस दिन व्यक्ति देवताओं को प्रसन्न करने के लिए दीपदान करते हैं और उनसे आशीर्वाद लेते हैं। कार्तिक पूर्णिमा पर भगवान विष्णु की पूजा भी की जाती है।

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