बागपत। विपुल जैन
भारतीय जनता पार्टी को छोड़कर अन्य तमाम दलों के नेताओं को भाजपा सरकार ने पुलिस के दम पर घर में ही नजर बंद कर दिया।
पंजाब से लेकर दिल्ली तक किसान आंदोलन का 13 वा दिन था और किसानों ने 8 दिसंबर को सम्पूर्ण भारत को बंद करने का ऐलान किया था। इस कड़ी में छपरोली के पूर्व विधायक डॉ अजय तोमर को भारत बंद के समर्थन में राष्ट्रीय लोक दल के द्वारा किए गए आह्वान को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने उन्हें घर पर ही नजरबंद कर दिया। डॉ अजय तोमर ने कहा कि भले ही उन्हें घर में ही सरकार ने खाकी के दम पर नजर बंद कर दिया हो, लेकिन देश का बच्चा-बच्चा किसानों के लिए भारत बंद करने में लगा हुआ था। हर कोई किसानों के पक्ष में भारत बंद करने के लिए खुद की इच्छा से ही आगे आया है। कहा कि एक व्यक्ति को घर में नजरबंद करने से कुछ नहीं होता। देश का किसान, मजदूर व बच्चा-बच्चा आज भाजपा सरकार के द्वारा किसानों के ऊपर थोपे गए तीन कृषि कानून से तंग आकर भाजपा सरकार के खिलाफ भारत बंद में शामिल हो गया है। देश की जनता जान चुकी है कि भाजपा सरकार के द्वारा किसानों के ऊपर तीन काले कृषि कानून जबरदस्ती थोपे गए हैं। देश के किसानों को इन तीन काले कृषि कानून की जरूरत नहीं है। ना ही किसी किसान ने इन कानूनों को लाने की मांग की। जब किसी ने तीन काले कृषि कानून लाने की मांग ही नहीं की तो फिर भारतीय जनता पार्टी सरकार तीन काले कृषि कानून देश की किसानों के ऊपर क्यों थोप रही है। सरकार को तीनों काले कृषि कानून वापस लेने ही होगे।

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