प्रकृति से है समाज सेवी सतीश पंवार को बेहद लगाव | NMPK Media @Baghpat

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वास्तु शास्त्र के अनुसार लगाये गये है वाटिका में पौधे
औषधीये गुणों से भरपूर है वाटिका में सबकुछ  

बागपत। विपुल जैन
समाज सेवी सतीश पंवार को बचपन से ही पेड़-पौधे लगाने का बेहद शौक रहा है। अपना व्यस्तम समय होने के बाद भी वह पेड़-पौधों की काफी देखभाल करते है। यही कारण है आज उनके फार्म हाउस में बनी वाटिका में फल-फूल व सब्जियों के अलावा ढेरों औषधीये पौधे है, जो फार्म हाउस की शोभा को बढ़ा रहे हैं।
सतीश पंवार बताते है कि बली-मेवला गांव में उन्होंने वर्ष 2010 में हीरा विला के नाम से फार्म हाउस का निर्माण कराया था। यह फार्म हाउस पूरी तरह वास्तु के अनुरूप बनाया गया है। ब्रिटिश शैली पर आधारित फार्म हाउस में कमरों की ऊंचाई व लम्बाई सब वास्तु शास्त्र के अनुरूप ही है। प्रवेश द्वार में कदम रखते ही भगवान शंकर के दर्शन होते है। उनके पिता बाबू खेमचन्द की समाधि को उनकी छह संतान को दर्शाते हुए सफेद संगमर-मर के पत्थर से छह कोण बनाये गये है। 80 साल पुराने पीपल की जड़ों से बनवाये गये दरवाजे जोकि राजस्थान से बनकर आये है वह फार्म का मुख्य आकर्षण है। हर राशि और नक्षत्र के मान में उपयुक्त दिशा में पौधे लगाये गये है। पचपल्लव वृक्ष के नाम से धार्मिक ग्रंथों में वर्णित पीपल, बरगद, जामुन व पाकड़ के पौधे भी लगाये गये है। बताया कि नक्षत्र वाटिका विकसित करने का उद्देश्य लोगों को धार्मिक और औषधीय महत्व के पौधों से अवगत कराना है। वाटिका में 12 राशि, 9 ग्रह, 8 दिग्पाल और पंचपल्लव वृक्षों को विशेष दिशाओं में लगाया गया है। बताया कि रूदाक्ष का पौधा उन्होंने नेपाल से मंगवाया था। इसके अलावा वाटिका में लाल चन्दन, पीला चन्दन, बादाम, सेब, अमरूद, पपीता, नौ प्रकार के आम, पहाड़ी केला, 50 प्रकार के फूल समेत कुल 356 प्रकार के पौधे लगे हुए है। विकी पीडिया ने गुगल पर इसे जगह दी है।

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