बागपत। विपुल जैन
अखिल उत्तर प्रदेश जाट महासभा की प्रदेश अध्यक्ष एवं बागपत की सपा नेत्री डॉ शालिनी राकेश सिंघु बॉर्डर पर पहुंची और उन्होंने वहाँ पर चल रहे किसान आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
उन्होंने किसानों के अहिंसावादी आंदोलन की तारीफ की और उनसे कहा कि आप सभी गांधी जी की अहिंसा की राह पर चलते रहिए। गांधी जी की अहिंसा के सामने तो अंग्रेज भी नहीं ठहर पाए थे। साथ ही उन्होंने कहा कि किसान विरोधी कृषि कानून वापस लेना चाहिए, नहीं तो किसान देशव्यापी आंदोलन करने को मजबूर होंगे। कहा कि ये कानून पूंजीपतियों के इशारे पर बनाए गए हैं, इनसे किसानों का नुक़सान और पूंजीपतियों को फायदा होगा। इन कानूनों से बीस रुपए किलो का आटा डेढ़ सौ रुपए हो जाएगा। जमाखोरी को बढ़ावा मिलेगा और महंगाई जबरदस्त रूप से बढ़ेगी। किसान, मजदूर, गरीब और मध्यमवर्गीय लोगों को जीना दुश्वार हो जाएगा।
कॉर्पोरेट फार्मिंग द्वारा किसानों की जमीन हथियाए जाने की संभावना गलत नहीं है। ये कानून एक प्रकार से कृषि क्षेत्र का प्राइवेटाइजेशन है। इसमें जमीन का मालिक अपनी ही जमीन पर बंधुआ मजदूर बनकर रह जाएगा। कहा कि गन्ना क्षेत्र में हम देख चुके हैं कि शुगर मिल किसानों के पैसे मार कर बैठी रहती हैं। सालों साल किसान का पैसा नहीं मिलता और वो हाथ फैलाए खडा रहता है। यहीं सब कुछ बाकी फसलों के साथ भी होगा। वहां पर उन्होंने दवाइयां और मास्क भी बांटे और कॉरोना से सावधान रहने की बात भी कही। साथ ही सरकार से कहा कि कोरोना को आंदोलन तोड़ने का हथियार मत बनाइये।

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